PM मोदी की दोस्त यानी इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध का प्रस्ताव रखा है, साथ ही विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने की बात कही है….
न्यूज डेस्क: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया कानून लाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सरकार कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या की सीमा तय करने और ऐसे विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की योजना भी बना रही है, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में गंभीर दिक्कत हो रही है। मेलोनी ने 20 सितंबर को अपनी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के युवा कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा, संस्कृति और नियमों को समझना चाहिए। प्रस्तावित कानून को अभी सरकार और संसद की मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा, यानी इसे तत्काल लागू हुआ प्रतिबंध नहीं माना जा सकता।PM
Read Also-Yemen: रियाद में ‘संवेदनशील जगहों’ और यानबू में अरामको को भी बनाया गया निशाना
मेलोनी के इस ऐलान को इटली की प्रवासन और सांस्कृतिक एकीकरण की राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। इटली में 2027 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं और प्रवासन का मुद्दा लंबे समय से वहां की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा है। 2022 के चुनाव के दौरान भी अप्रवासन, सीमा नियंत्रण और प्रवासियों के एकीकरण को लेकर राजनीतिक बहस तेज रही थी। हालांकि, उपलब्ध शोध यह भी दिखाता है कि 2022 के चुनाव में इमिग्रेशन अकेला सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा नहीं था। मेलोनी की नई घोषणा में सिर्फ बुर्के या नकाब का मुद्दा नहीं है, बल्कि विदेशी छात्रों की संख्या और भाषा सीखने को भी स्कूलों के एकीकरण से जोड़ा गया है। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इटली के स्कूलों में गैर-इतालवी नागरिक छात्र कुल नामांकन का करीब 11.6 प्रतिशत हैं।PM
Read Also-Chatron ki Goonj : ‘सवाल पूछना जरूरी है’, इंदौर में राहुल गांधी ने छात्रों से की सीधी बात
इटली में चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले परिधानों को लेकर पहले से भी कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। 1975 के एक कानून के तहत ऐसी चीजों पर रोक है, जिनसे पहचान करना मुश्किल हो, हालांकि धार्मिक या सांस्कृतिक कारणों के मामलों में कानूनी व्याख्याएं अलग रही हैं। अब मेलोनी सरकार स्कूलों के लिए बुर्का और नकाब पर स्पष्ट प्रतिबंध का प्रस्ताव ला रही है। यूरोप के कुछ अन्य देशों में भी सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे को ढकने वाले परिधानों को लेकर अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लागू हैं, लेकिन हर देश के नियम और उनका दायरा अलग है।PM
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana TwitterPM

