Politics: आज लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गई। इसके साथ ही बजट सत्र का विस्तारित तीन दिवसीय विशेष सत्र भी समाप्त हो गया है। वहीं इस सत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पारित न होने से राजनीतिक टकराव भी बढ़ गया है। संसद का विस्तारित बजट सत्र आज संपन्न हो गया है। वहीं तीन दिवसीय विशेष बैठक में संशोधित महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने से राजनीतिक टकराव भी बढ़ गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र को सार्थक बताते हुए कार्यवाही अनिश्चितकाल तक स्थगित करने की घोषणा कर दी है। राज्यसभा में भी सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सत्र को अनिश्चितकाल काल तक स्थगित करने की घोषणा की।Politics
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वहीं विस्तारित तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संविधान 131वां संशोधन विधेयक 2026 और इससे जुड़े दो अन्य विधेयकों को पारित करना था। लेकिन लोकसभा में इस महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।
वोटिंग में 298 सदस्यों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 सदस्यों ने विरोध में वोट किया। चूंकि दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं हो सका, इसलिए बिल पारित नहीं हो पाया। इसके बाद सरकार ने बाकी दो जुड़े विधेयकों (परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक) पर आगे की कार्यवाही नहीं बढ़ाई। केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से बिल को रोक दिया। जबकि विपक्ष ने सहमति और स्पष्टता की कमी का आरोप लगाया।Politics
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्ता पक्ष ने महिला सशक्तिकरण के इस कदम को ऐतिहासिक बताया था, लेकिन सदन में सहमति नहीं बन सकी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बिल के पारित न होने की घोषणा की। इसके तुरंत बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि तीनों विधेयक आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए बाकी विधेयक भी आगे नहीं बढ़ाए जाएंगे। इसके बाद आज दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 के लोकसभा चुनावों से लागू करने की दिशा में यह विशेष सत्र बुलाया गया था, लेकिन विधेयक के असफल होने से यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।Politics
