Real Estate: भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद जनवरी-मार्च में पूंजी निवेश सालाना आधार पर 72 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 5.1 अरब डॉलर रहा। रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई ने ये जानकारी दी। जनवरी-मार्च 2025 में रियल एस्टेट क्षेत्र में पूंजी प्रवाह 2.9 अरब डॉलर और अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 3.3 अरब डॉलर रहा था। सीबीआरई ने ‘भारत बाजार निगरानी, पहली तिमाही 2026 – निवेश’ रिपोर्ट बुधवार को जारी की। इसमें जनवरी-मार्च में आए निवेश की जानकारी दी गई है।Real Estate:
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इसके अनुसार, इस रिकॉर्ड पूंजी निवेश में डेवलपर की मुख्य हिस्सेदारी रही। इसके बाद रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) का स्थान रहा जिन्होंने किराये पर देने वाले कार्यालयों और खुदरा परिसंपत्तियों के निर्माण और अधिग्रहण में निवेश किया। सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिक एशिया तथा अफ्रीका के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अंशुमान मैगजीन ने कहा, ‘‘ यह भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र की वृद्धि गाथा में घरेलू निवेशकों और संस्थागत निवेशकों के उच्च विश्वास को दर्शाता है।’’Real Estate:
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उन्होंने कहा, ‘‘ वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हमारी मजबूत आर्थिक संरचना बड़े निवेश को आकर्षित करती रही है। रीट गतिविधियों में कई गुना वृद्धि विशेष रूप से उत्साहजनक है जो एक परिपक्व होते बाजार का संकेत देती है।’जनवरी-मार्च के कुल निवेश में डेवलपर की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत जबकि रीट की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रही।सलाहकार के अनुसार, कुल निवेश का 96 प्रतिशत हिस्सा घरेलू निवेशकों से आया जिसमें मुख्य रूप से डेवलपर की प्रमुख भूमिका रही।बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) ने संयुक्त रूप से कुल निवेश का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा आकर्षित किया।’’Real Estate:
