Uttar Pradesh: जेवर के जिन किसानों ने हवाई अड्डे के लिए दी थी जमीन, उसी धरती से पहली उड़ान के यात्री भी बने

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Uttar Pradesh: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के लिए जिन ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, वे सोमवार को उस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने, जब उन्होंने नवसंचालित हवाई अड्डे से पहली यात्री उड़ान में सवार होकर लखनऊ के लिए उड़ान भरी। गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र से आए ग्रामीणों के समूह में शामिल कई महिलाएं हाथों में बोर्डिंग पास लिए हवाई अड्डे पहुंचीं। यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे से संचालित पहली यात्री उड़ान थी।

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लखनऊ पहुंचने पर इन यात्रियों का स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को करना था। यात्रियों में ऐसे परिवार भी शामिल थे, जिन्होंने परियोजना के पहले चरण के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन दी थी और अब अपनी कृषि भूमि को विकास के नए केंद्र के रूप में परिवर्तित होते देख रहे हैं।

ऐसे ही एक यात्री अबरार खान ने कहा, ‘‘नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लखनऊ जाने वाली पहली उड़ान में यात्रा करना हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है। जिस सपने को हमने देखा था, वह आज हमारे सामने साकार हो रहा है।’’Uttar Pradesh

उन्होंने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से पहली उड़ान का हिस्सा बनने का निमंत्रण मिला था, जिसे उन्होंने सम्मान की बात बताया। निकटवर्ती गांव की निवासी हेरा राशिद ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार देते हुए कहा, ‘‘हम पहली उड़ान का अनुभव करेंगे।Uttar Pradesh

हमारे लिए यह यात्रा नि:शुल्क है और लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी होगी।’’ करीब 65 वर्षीय एक किसान ने बताया कि उन्होंने हवाई अड्डे के लिए अपनी 30 बीघा जमीन दी थी और क्षेत्र में हो रहे विकास से वह खुश हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उन्हें रोजगार देने का आश्वासन भी मिला था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है।Uttar Pradesh

एक अन्य महिला यात्री ने कहा कि पहली उड़ान का हिस्सा बनना क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए गर्व का विषय है। जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि यात्री सेवाओं की शुरुआत केवल एक हवाई मार्ग का शुभारंभ नहीं है, बल्कि यह हवाई अड्डे की यात्रा में किसानों के योगदान का भी प्रतीक है।Uttar Pradesh

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उन्होंने कहा, ‘‘जिन परिवारों ने राष्ट्रीय हित और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन समर्पित की थी, आज वही परिवार उसी धरती से आसमान की ओर उड़ान भर रहे हैं।’’धीरेंद्र सिंह ने कहा कि जो हाथ कभी खेतों में हल चलाते थे, आज उन्हीं हाथों में बोर्डिंग पास हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज जब जेवर के किसान लखनऊ के लिए उड़ान में सवार हुए, तो यह केवल उनकी यात्रा नहीं थी, बल्कि भारत के विकास, किसानों के सम्मान और बदलते उत्तर प्रदेश का प्रतीकात्मक ऐतिहासिक सफर था।’’Uttar Pradesh

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