NeVA: पश्चिम बंगाल विधानसभा द्वारा राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन NeVA को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल देश की 33वीं ऐसी विधानसभा बन जाएगी, जो इस राष्ट्रीय डिजिटल विधायी मंच का हिस्सा होगी।संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम में संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़े पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस नई पहल का स्वागत किया है। NeVA:
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NeVA भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एक मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य देश की सभी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं को एकीकृत, सुरक्षित और पेपरलेस डिजिटल मंच से जोड़ना है। यह पहल प्रधानमंत्री के “एक राष्ट्र – एक एप्लीकेशन” के विजन पर आधारित है। NeVA के माध्यम से विधानसभा की कार्यवाही, प्रश्न, विधेयक, सूचनाएं, समितियों का कार्य तथा अन्य सदन संबंधी गतिविधियां पूरी तरह डिजिटल रूप से संचालित की जा सकेंगी।NeVA:
इससे जनप्रतिनिधियों को कंप्यूटर, टैबलेट और मोबाइल के माध्यम से किसी भी समय आवश्यक दस्तावेजों एवं सूचनाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।वर्तमान में देश की 32 विधानसभाएं एवं विधान परिषदें NeVA प्लेटफॉर्म को अपना चुकी हैं, जिनमें से 29 सदन पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर कार्य कर रहे हैं।संसदीय कार्य मंत्रालय इस परियोजना के अंतर्गत राज्यों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण एवं कार्यान्वयन सहायता प्रदान करता है। NeVA:
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इस डिजिटल क्रांति में अब नया नाम जुड़ गया है पश्चिम बंगाल विधानसभा का, प्रस्ताव के पश्चिम बंगाल इस बदलाव को अपनाने वाला देश का 33वां सदन बनने जा रहा है।इस कदम से न सिर्फ देश का डिजिटल विधायी इकोसिस्टम मजबूत होगा, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता आएगी।
इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल अब डिजिटल इंडिया में बदल रहा है पुरानी सरकार ने इसको 15 साल पीछे रखा है।जाहिर है, जब देश की विधानसभाएं पेपरलेस होंगी, तो न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी बल्कि जनता का पैसा और समय दोनों बचेगा। डिजिटल इंडिया के इस सफर में पश्चिम बंगाल का शामिल होना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाएगा। NeVA:
