Chhattisgarh: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर रायपुर में आयोजित बुनकर सम्मेलन में बस्तर-सुकमा की आत्मसमर्पित नक्सली युवतियां जब ‘छत्तीसगढ़ हैंडलूम’ के पारंपरिक परिधानों में आत्मविश्वास के साथ रैंप पर उतरीं, तो यह सिर्फ फैशन प्रस्तुति नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की एक नई कहानी बन गई। कभी हाथों में हथियार रहे, आज वही जीवन हुनर, संस्कृति और सम्मान के साथ नई राह पर है। Chhattisgarh:
इसी मंच पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा को नई बाजार पहचान देने के लिए ‘कोशल फैब’ ब्रांड भी लॉन्च किया। रैंप पर आत्मविश्वास और करघे से निकले कोसा दोनों ने मिलकर एक ही संदेश दिया: बस्तर की नई पहचान अब बंदूक से नहीं, हुनर और आत्मनिर्भरता से बन रही है।Chhattisgarh:
Read Also: मुंबई के घाटकोपर में भूस्खलन से मची तबाही, सात की दर्दनाक मौत, राहत एवं बचाव कार्य में जुटी NDRF
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter
