Delhi:संसद का मानसून सत्र आज 13 अगस्त को समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और इसमें कुल 19 बैठकें हुईं।आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही बहुत संक्षिप्त रही। सदन की बैठक शुरू होते ही राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह पद गाए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेता मौजूद रहे। इसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। लोकसभा की आज की बैठक महज कुछ मिनट ही चली।Delhi:
राज्यसभा में भी कार्यवाही के बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सत्र समाप्त करने की घोषणा की। राज्यसभा में आज खनन संबंधी विधेयक (माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट बिल) पास हुआ।इस पूरे सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखा टकराव रहा। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी जैसे मुद्दों पर लगातार हंगामा किया। नतीजतन दोनों सदनों की उत्पादकता प्रभावित हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार लोकसभा की उत्पादकता मात्र 19 प्रतिशत और राज्यसभा की करीब 39 प्रतिशत रही है।Delhi:
विधायी कामकाज की दृष्टि से सरकार ने इसे सफल बताया। सत्र के दौरान कुल 12 विधेयक दोनों सदनों से पारित हुए। इनमें सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या, एमएसएमई, कराधान, सहकारी विकास, केरलम का नाम और खनन संबंधी विधेयक शामिल हैं। हालांकि अधिकांश विधेयक बिना व्यापक चर्चा के पास हुए। सिर्फ एक-दो विधेयकों पर विस्तृत बहस हो सकी।वही एफसीआरए संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया है।सत्तापक्ष- विपक्ष ने संसद में बने गतिरोध के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।इस तरह हंगामे और व्यवधान के बीच संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया। अब नजरें अगले सत्र पर रहेगी।
