Delhi Water Crisis: दिल्ली में कालकाजी इलाके के गोविंदपुरी ट्रांजिट कैंप में बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना रोजमर्रे की जिंदगी बन गई है।घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पक्की पाइपलाइन नहीं है। लोग लोकल टैंक से पानी लाते हैं। उसमें भी पानी सिर्फ आधे घंटे के लिए आता है।दूसरा विकल्प महंगा है – पानी के टैंकरों से पानी खरीदना। ऊपर से ये टैंकर हफ्ते में गिने-चुने दिन ही आते हैं।Delhi Water Crisis:
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जिंदगी बेहद मुश्किल हो गई है। खासकर उन महिलाओं के लिए, जिन्हें पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।पानी के लिए सुबह से लंबी कतारें लगती हैं। लोग बेसब्री से अपनी बारी का इंतजार करते हैं।अक्सर लंबी कतारों में लगने वालों के मंसूबों पर पानी फिर जाता है। उनकी बारी आने तक पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। Delhi Water Crisis:
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लोकल टैंक में सीमित सप्लाई की वजह से पानी का इंतजाम करना रोजमर्रे की चुनौती है। हालात और बिगड़ जाते हैं, जब लोग पानी के लिए आपस में लड़ना शुरू कर देते हैं।देश की राजधानी में पानी के लिए संघर्ष को देखकर इंसानियत भी पानी-पानी हो उठती है। फिर भी लोगों को उम्मीद है कि जल्द पाइपलाइन से पानी आना शुरू होगा और उन्हें प्यास बुझाने के लिए तपती गर्मी में खून नहीं सुखाना पड़ेगा। Delhi Water Crisis:
