Haryana: नरवाना में आवारा कुत्तों का आतंक अब लोगों के लिए मुसीबत नहीं बल्कि जान का खतरा बनता जा रहा है। शहर में एक ही दिन में छह लोगों को कुत्तों द्वारा काटे जाने की घटनाओं ने प्रशासन के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंजाबी चौक में एक ही दिन में 6 लोग कुत्ते का शिकार हो गए घायलों को नरवाना नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से जींद रेफर किया गया।Haryana:
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लोगों का कहना है—कुत्ते गलियों में खुले घूम रहे हैं और इंसान घरों में कैद हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुत्तों के आतंक के बावजूद प्रशासन और नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।मंगलवार को एक ही दिन में गोपाल, प्रीति, बलबीर सैनी, कमलेश, नीलम मुंजाल और नरेंद्र मुंजाल की पत्नी के कुत्ते के काटने की घटनाएं सामने आईं। पंजाबी चौक में नरेंद्र मुंजाल की पत्नी को कुत्ते ने काट लिया। परिजन उन्हें तुरंत नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से जींद रेफर कर दिया गया।Haryana:
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गलियों में कुत्तों के झुंड, घरों में कैद हुए लोग
बीरबल नगर, पतराम नगर, मॉडल टाउन और हरि मंदिर पंजाबी चौक समेत कई इलाकों में लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों के झुंड घूम रहे हैं। बच्चे बाहर खेलने से डर रहे हैं, बुजुर्ग अकेले निकलने से कतरा रहे हैं और राहगीर रास्ता बदलने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
आवारा कुत्तों को लेकर आमजन में दिखा रोष
आवारा कुत्तों के लगातार बढ़ते आतंक को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। मोहल्लावासियों का आरोप है कि शिकायतें पहले भी की गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों ने संबंधित पार्षदों, नगर परिषद और प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है। वहीं लोगों का यह भी आरोप है कि नरवाना नागरिक अस्पताल में कुत्ते के काटने के मामलों में पर्याप्त उपचार उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को जींद रेफर करना पड़ रहा है।
प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
कुत्ते के काटने के बाद मरीजों को उपचार के लिए नरवाना नागरिक अस्पताल लाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां पर्याप्त उपचार की सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को जींद रेफर किया जा रहा है। निशा रानी और अंजली का कहना है कि कुत्तों के डर से बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद होकर रह गए हैं। लोगों ने सवाल उठाया—अगर आज छह लोग शिकार हो गए हैं तो क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?महिला निशा रानी और अंजली का कहना है कि कुत्तों के खौफ के चलते बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
वहीं ऋषि मुंजाल ने कहा कि पंजाबी चौक में कुत्तों का आतंक है और लोग डर के मारे घर से निकलने से भी घबरा रहे हैं। उनका आरोप है कि यहां दो पार्षद होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। लोगों ने साफ कहा कि अब उन्हें सिर्फ मीडिया से ही उम्मीद है। सवाल यही है कि एक दिन में छह लोगों को कुत्तों ने काट लिया, आखिर प्रशासन कब जागेगा?
