महाराष्ट्र चुनाव: BJP सांसद अशोक चव्हाण का बड़ा बयान, बोले- चुनाव में ‘बटेंगे तो काटेंगे’ नारे का कोई मतलब नहीं !

BJP के राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण ने बुधवार कहा कि चुनावों में ‘बटेंगे तो काटेंगे’ नारे का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने चुनाव में अग्रणी रूप से लग रहे पार्टी के इस नारे से खुद को किनारे कर लिया है। महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोटिंग होगी। जिसके चुनाव परिणाम 23 नवंबर को सामने आएंगे।

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महाराष्ट्र चुनाव में जोरों-शोरों से लग रहे ‘बटेंगे तो काटेंगे’ नारे पर चव्हाण ने कहा, “इस नारे का कोई मतलब नहीं है। नारे चुनाव के समय दिए जाते हैं। ये विशेष नारा अच्छा नहीं है और मुझे नहीं लगता कि लोग इसे पसंद करेंगे। व्यक्तिगत रूप से कहूं तो मैं ऐसे नारों के पक्ष में नहीं हूं। हर राजनैतिक पदाधिकारी को बहुत सोच-विचार कर फैसला लेना होगा। हमें ये भी देखना होगा कि किसी की भावनाएं आहत न हों।”

BJP सांसद ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से जीतेगी। उन्होंने कहा, “माहौल तो देखिए अच्छा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया जी की सभा मालेगांव में हुई, काफी बड़ी संख्या में लोग वहां उपस्थित थे और उत्साह लोगों में है। पूरे नांदेड जिले में आज उप-मुख्यमंत्री वहां थे, ज्योतिरादित्य सिंधिया जी यहां पर थे। तीन-चार दिन पहले प्रधानमंत्री यहां रहकर गए। एक एलेक्श का फीवर चढ़ गया है। योजनाएं जो केंद्र सरकार ने ऐलान की हैं, सिर्फ ऐलान ही नहीं उन्हें अमल भी किया है। जिस तरह से लोगों का उत्साह दिख रहा है हमें आश्वस्त हैं कि हम जीतेंगे, हमारे उम्मीदवार अच्छे तरीके से चुनकर आएंगे।”

कांग्रेस से BJP में जाने के फैसले के बारे में चव्हाण ने कहा, “2008-10 के दौरान जो भी राजनैतिक घटनाक्रम हुआ है उसको लेकर लोगों ने जानबूझकर मेरा नुकसान किया और ये तथ्य है। पूरा महाराष्ट्र जानता है और करवाने वाले कांग्रेस के ही साथी थे। खैर छोड़िए, वो लंबा इतिहास है। 14 साल बीत चुके हैं और जो भी मैंने फैसला लिया वो मेरे करियर के हित में है।”

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चव्हाण ने दावा किया कि सरकार ने कोटा मुद्दे के संबंध में कई फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव में मराठा आरक्षण का असर ज्यादा था। लोकसभा चुनाव के बाद शिंदे सरकार ने 10 फीसदी आरक्षण जैसे कई फैसले लिए, जिनके पास कुनबी सर्टिफिकेट था, उन्हें आरक्षण दिया गया। लोगों को नौकरियां भी मिलीं।”

‘वोट धर्मयुद्ध-वोट जिहाद’ मुद्दे के संबंध में पूछे जाने पर चव्हाण ने कहा, ”महायुति और BJP की नीति जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र कहा है। मैं इसे ज्यादा महत्व नहीं देता। व्यक्तिगत रूप से कहूं तो विकास ही मेरा एकमात्र उद्देश्य है। इसलिए पार्टी बदलने के बावजूद लोग मेरे रुख की तारीफ करते हैं।”

pti

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