Delhi: केंद्रीय कैबिनेट का सबसे पहला और बड़ा फैसला देश के एविएशन सेक्टर को लेकर है।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ (ATF) यानी हवाई ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की एकमुश्त बजटीय सहायता को मंजूरी दी है।इस फैसले के कई बड़े फायदे होंगे-किराए में नहीं होगी बढ़ोतरी: यह कदम हवाई यात्रियों को ग्लोबल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों के कारण होने वाली किराए की बढ़ोतरी से बचाएगा।
Read Also: BIHAR: मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल के ICU में भीषण आग लगने से तीन मरीजों की मौत
77 लाख नौकरियां सुरक्षित: इस फैसले से एयरलाइन ऑपरेशन्स बिना किसी रुकावट के चलते रहेंगे, जिससे एविएशन इकोसिस्टम पर निर्भर करीब 77 लाख नौकरियां सुरक्षित रहेंगी।एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा: एयरलाइंस के सुचारू रूप से चलने से एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए भारी पब्लिक इन्वेस्टमेंट को नुकसान नहीं होगा।इंटरनेशनल कनेक्टिविटी: पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने के बाद भी यूरोप, नॉर्थ अमेरिका और सेंट्रल एशिया के लिए भारत की रीजनल और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी मजबूत बनी रहेगी।Delhi:
Read Also: बंगाल पुलिस ने टीएमसी नेता जय प्रकाश मजूमदार को किया गिरफ्तार, घर पर अवैध कब्जा का लगा आरोप
वही बिहार के विकास को रफ्तार देते हुए कैबिनेट ने सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई है। अब NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन को 4-लेन किया जाएगा।लागत और लंबाई: 144 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 3,936 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे BOT (टोल) मोड के जरिए डेवलप किया जाएगा।फायदा: अभी यह सिर्फ 2-लेन का कॉरिडोर है, जो कटिहार-पूर्णिया बेल्ट (सीमांचल), भागलपुर और खगड़िया को पटना से जोड़ता है। 4-लेन होने से बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के बीच अंतरराज्यीय आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी।वही केंद्रीय कैबिनेट ने ओडिशा में इंफ्रास्ट्रक्चर और टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रामेश्वर से पारादीप तक एक नए तटीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है। हाइब्रिड वार्षिकी मोड पर बनने वाले इस हाईवे की कुल लंबाई 163.18 किलोमीटर होगी। Delhi:
चेन्नई-कोलकाता रूट का विकल्प:यह हाईवे NH-16 और NH-316 (भुवनेश्वर-पुरी) के लिए एक वैकल्पिक और दूसरा रास्ता बनेगासफर में ढाई घंटे की बचत: इस हाईवे की डिजाइन स्पीड 100 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे रामेश्वर और पारादीप के बीच यात्रा का समय 2.5 घंटे कम हो जाएगा। खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।टूरिज्म और पोर्ट को बढ़ावा: पारादीप पोर्ट को हर मौसम में कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर, पुरी बीच और आने वाले पुरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच बेहद तेज और आसान हो जाएगी।Delhi:
मध्य प्रदेश के विकास के लिए भी कैबिनेट ने NH-347B के सेक्शन के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ‘वडोदरा-खंडवा-बैतूल इकोनॉमिक कॉरिडोर’ का एक अहम हिस्सा है।इसके तहत:आशापुर-रूढ़ी और हिवरखेड़ी-रोशनी सेक्शन को पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन किया जाएगा, जो बैतूल और खंडवा जिलों से गुजरता है।इसके अलावा, देशगांव-जुलवानिया सेक्शन को 4-लेन किया जाएगा, जो दो प्रमुख जिला मुख्यालयों – खंडवा और बड़वानी के बीच एक मुख्य संपर्क मार्ग (प्राइम लिंक) बनेगा।केंद्रीय कैबिनेट का एक और बड़ा फैसला तेलंगाना के लिए रहा। सरकार ने तेलंगाना में NH-63 और NH-563 के हिस्सों को 4-लेन मानक तक चौड़ा करने की मंजूरी दे दी है।प्रोजेक्ट की डिटेल्स: इसके तहत NH-63 के आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड को हाइब्रिड वार्षिकी मॉडल (HAM) के तहत और NH-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को बीओटी (टोल) मोड के तहत 4-लेन किया जाएगा।लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 190.76 किलोमीटर है और इस पर 7,597.16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आएगी। इससे तेलंगाना के इन जिलों में व्यापार और ट्रांसपोर्टेशन को नई रफ्तार मिलेगीकेंद्रीय कैबिनेट के यह फैसले, जो न सिर्फ देश के आसमान (एविएशन) को सुरक्षित और किफायती बनाएंगे, बल्कि बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में सड़कों का जाल बिछाकर देश की तरक्की की रफ्तार को भी दोगुना करेंगे।Delhi:
