Delhi: सरकार ने देश में कोयला कारोबार व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, दक्ष और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कोयला एक्सचेंज स्थापित करने के नियम प्रकाशित कर दिए हैं। सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
कोयला एक्सचेंज के जरिये कोयले की कीमतों का निर्धारण बाजार आधारित और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा, कारोबार में दक्षता बढ़ेगी और वाणिज्यिक तथा खनन कंपनियों सहित कोयला उत्पादकों को खरीदारों के व्यापक समूह तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। Delhi:
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सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी इस मंच का उपयोग कर बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी।कोयला मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘हाल ही में लागू खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025 के तहत खनिज एक्सचेंज की अवधारणा को शामिल किया गया है। इस कानून ने केंद्र सरकार को कोयला और उसके प्रसंस्कृत उत्पादों सहित खनिजों के पारदर्शी और दक्ष व्यापार को बढ़ावा देने का अधिकार दिया है। इसी के अनुरूप कोयला मंत्रालय ने चार जून, 2026 को राजपत्र में कोयला एक्सचेंज नियम, 2026 प्रकाशित किए हैं।Delhi:
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मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर, 2025 में ही कोयला नियंत्रक संगठन (सीसीओ) को कोयला एक्सचेंज के पंजीकरण और विनियमन के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण नियुक्त किया जा चुका है।नियमों के तहत पात्र संस्थाओं को सीसीओ द्वारा कोयला एक्सचेंज स्थापित करने और संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। ये संस्थाएं बाजार संबंधी नियम और उपनियम तैयार करने के साथ-साथ कोयला कारोबार को सुगम बनाने का काम करेंगी।कोयला एक्सचेंज संचालित करने के लिए पंजीकरण 25 साल की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा। Delhi:
