Delhi: भारत ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर अपनी सैन्य शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइलें, युद्धक विमान, नवगठित इकाइयां और घातक हथियार प्रणाली शामिल थीं।यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हैं।कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ है। Delhi
India is privileged to host European Council President António Costa and European Commission President Ursula von der Leyen during our Republic Day celebrations.
Their presence underscores the growing strength of the India-European Union partnership and our commitment to shared… pic.twitter.com/tdKuI6oKyp
— Narendra Modi (@narendramodi) January 26, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं की उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती ताकत और साझा मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मेजबानी करना भारत के लिए सौभाग्य की बात है। Delhi:
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उन्होंने कहा, ‘‘उनकी उपस्थिति भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी की बढ़ती ताकत और साझा मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।’प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ के नेताओं की यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में भारत और यूरोप के बीच जुड़ाव गहरा करेगी और सहयोग को गति प्रदान करेगी।Delhi:
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समारोह शुरू होने से पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ‘पारंपरिक बग्गी’ में बैठकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई बाकी केंद्रीय मंत्री, देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी, विदेशी राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह का गवाह बने।परेड में प्रदर्शित प्रमुख हथियार प्रणालियों में ब्रह्मोस और आकाश हथियार प्रणाली, रॉकेट लॉन्चर ‘सूर्यास्त्र’, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन और स्वदेशी रूप से निर्मित सैन्य प्लेटफार्मों और हार्डवेयर की एक श्रृंखला शामिल थी।करीब 100 सांस्कृतिक कलाकारों की परेड की शुरुआत हुई, जिसका विषय ‘विविधता में एकता’ है।
