Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास को लेकर कई बड़े और महत्त्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो विस्तार और अमरावती में केंद्रीय कार्यालय- आवासीय परिसर को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई आज की कैबिनेट बैठक में कुल 4,703 करोड़ रुपये के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें गुजरात के अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार और आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में केंद्रीय सचिवालय और आवासीय परिसरों का निर्माण शामिल है। Delhi:
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी है।कैबिनेट का पहला और सबसे बड़ा फैसला गुजरात के अहमदाबाद के लिए है। साल 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारियों को देखते हुए सरकार ने अहमदाबाद मेट्रो फेज 2A (Phase 2A) को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसके तहत कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 6 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर बनाया जाएगा।Delhi:
इस पूरे प्रोजेक्ट पर 2,169 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे अगले 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस नए रूट में 4 एलिवेटेड और 1 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल होंगे। इस विस्तार के बाद अहमदाबाद का कुल मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 78 किलोमीटर लंबा हो जाएगा। इससे न केवल अहमदाबाद, गांधीनगर और गिफ्ट सिटी (GIFT City) से एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी तेज होगी, बल्कि लगभग 2,500 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साथ ही, यह सरदार पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव के आसपास के शहरी विकास को भी रफ्तार देगा। वही केंद्र सरकार ने अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में अधिसूचित करने के बाद वहां केंद्रीय विभागों के काम को रफ्तार देने के लिए बड़ा फैसला लिया है।
वर्तमान में आंध्र प्रदेश में सभी केंद्रीय सरकारी और PSU कार्यालय विजयवाड़ा और गुंटूर जैसी जगहों से चल रहे हैं। लेकिन अब, अमरावती में 1,299 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य केंद्रीय सरकारी कार्यालय परिसर का निर्माण किया जाएगा। 5.53 एकड़ में फैलने वाले इस कैंपस का कुल बिल्ट-अप एरिया 23.25 लाख वर्ग फीट होगा, जिससे सभी केंद्रीय कार्यालय एक ही छत के नीचे आ जाएंगे। इसके साथ ही, सरकारी कर्मचारियों की आवासीय समस्या को दूर करने के लिए कैबिनेट ने 1,235 करोड़ रुपये के केंद्रीय सरकारी आवासीय परिसर को भी मंजूरी दी है।
इसके तहत 17 एकड़ के कैंपस में 1,504 आवासीय क्वार्टर बनाए जाएंगे। इन दोनों प्रोजेक्ट्स से दिव्यांगजनों के लिए बैरियर-फ्री कैंपस तैयार होगा और हर साल करीब 7.5 लाख ह्यूमन-डेज का रोजगार पैदा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि कर्मचारियों को अब विजयवाड़ा या गुंटूर से रोजाना 30 से 50 किलोमीटर का लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही आज की कैबिनेट में मोदी सरकार 3.0 के अब तक के इंफ्रास्ट्रक्चर फैसलों का एक बड़ा रिपोर्ट कार्ड भी सामने रखा गया है। सरकार अब तक 25 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है। बहरहाल आज के इन फैसलों से न केवल गुजरात के अहमदाबाद को विश्वस्तरीय खेल आयोजनों के लिए तैयार किया जा रहा है, बल्कि आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को भी प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने की नींव रख दी गई है।
