Ladakh: लद्दाख में लगेगी तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी

Ladakh: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत और लद्दाख के LG वी.के. सक्सेना ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में “तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी” की जानकारी दी है।ये अवशेष अब लद्दाख की पावन भूमि पर 1 मई से 14 मई 2026 तक जनता के दर्शनार्थ रखे जाएंगे।भारत की सनातन और बौद्ध विरासत को नई ऊंचाई देने वाली प्रदर्शनी की तैयारी जोरों पर है।केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और लद्दाख के उपराज्यपाल श्री वी.के. सक्सेना ने आज नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए “तथागत बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पवित्र प्रदर्शनी” की विस्तार से जानकारी दी है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने बताया कि भगवान बुद्ध के ये पवित्र अवशेष (Piprahwa Relics) राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में सुरक्षित हैं। ये अवशेष अब लद्दाख की पावन भूमि पर 1 मई से 14 मई 2026 तक जनता के दर्शनार्थ रखे जाएंगे। मुख्य स्थल जीवेत्सल, चोग्लामसर, लेह होगा, साथ ही जांस्कर क्षेत्र में भी प्रदर्शनी का आयोजन होगा।  यह प्रदर्शनी 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित की जा रही है। संस्कृति मंत्रालय, पुरातत्व सर्वेक्षण ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय संग्रहालय और लद्दाख की विभिन्न बौद्ध संस्थाओं के सहयोग से यह कार्यक्रम तैयार किया गया है।

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प्रदर्शनी की तारीख:

1 से 14 मई 2026

स्थान:

लेह (जीवेत्सल) और जांस्कर

थीम:

शांति और आध्यात्मिक एकता

सहयोगी:

IBC, लद्दाख गुम्पा एसोसिएशन, महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर

 

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि”यह प्रदर्शनी सिर्फ अवशेषों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन बौद्ध विरासत को विश्व पटल पर फिर से स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। लाखों श्रद्धालु इससे लाभान्वित होंगे।वही लद्दाख के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि लेह और जांस्कर में पूरी तैयारियां चल रही हैं। लेह पैलेस, नामग्याल त्सेमो जैसे ऐतिहासिक स्थलों को सजाया जाएगा और रोशनी से जगमगाया जाएगा, ताकि यह आयोजन पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना सके।  बहरहाल यह प्रदर्शनी न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि “संघर्ष के समय में शांति” का संदेश भी देगी। दुनिया भर से बौद्ध भिक्षु, विद्वान और श्रद्धालु लद्दाख पहुंचेंगे। आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी।सरकार की ओर से सभी सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया जा रहा है।

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